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युवा पर्यटन क्लब को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का मिलेगा सहयोग, जारी किए निर्देश

स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के हिस्से के रूप में पर्यटन मंत्रालय ने राष्ट्रीय एकता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने हेतु युवा पर्यटन क्लब की स्थापना शुरू की।

पर्यटन मंत्रालय की पहल का समर्थन करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) आगे आया है और युवा पर्यटन क्लबों के गठन के संबंध में सभी सीबीएसई संबद्ध विद्यालयों को निर्देश जारी किया है।

युवा पर्यटन क्लबों का दृष्टिकोण भारतीय पर्यटन के युवा राजदूतों का पोषण और विकास करना है, जो भारत में पर्यटन की संभावनाओं के बारे में जागरूक करेंगे, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना करेंगे और पर्यटन के प्रति रुचि एवं लालसा विकसित करेंगे।

ये युवा राजदूत भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेंगे। पर्यटन क्लबों में भागीदारी से टीम वर्क, प्रबंधन, नेतृत्व जैसे सामान्य कौशल के विकास के अतिरिक्त ज़िम्मेदार पर्यटन प्रथाओं को अपनाने और स्थायी पर्यटन की चिंता को प्रोत्साहित करने की भी अपेक्षा है।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, “युवा भारत और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत के सर्वश्रेष्ठ राजदूत हैं। विभिन्न विद्यालयों में स्थापित किए जा रहे युवा पर्यटन क्लब राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देंगे और एक भारत श्रेष्ठ भारत के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का निर्माण करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी अब घरेलू गंतव्यों के बारे में जागरूक होंगे और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उपकरणों से लैस होंगे। पर्यटन क्लब बच्चों को सांस्कृतिक पहलुओं के साथ अपने राज्यों और पड़ोस के बारे में अधिक जागरूक होने में सहायता करेंगे। यह आगे प्रधानमंत्री द्वारा ‘देखो अपना देश’ के स्पष्ट आह्वान पर आधारित है।”

इन क्लबों के युवा सदस्य भारत की समृद्ध विविधता और इसके सभ्यतागत मूल्यों से परिचित होंगे। इससे राष्ट्र के प्रति उनकी भावना बढ़ेगी।