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योगी सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल व लॉकडाउन उल्लंघन के तीन लाख मामले वापस लिये

कोविड-19 महामारी के दौरान प्रोटोकॉल व लॉकडाउन उल्लंघन से जुड़ी तीन लाख से अधिक प्राथमिकियों को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार (26 अक्टूबर) को वापस लेने का निर्णय लिया। हालाँकि, वर्तमान व भूतपूर्व सांसदों, विधायकों व विधान परिषद के सदस्यों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकियाँ वापस नहीं ली जाएँगी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के इस निर्णय से सामान्य नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रमुख सचिव न्याय प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन ने अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था व अपर महानिदेशक अभियोजन आदि से इस संबंध में सूचना प्राप्त की है।

बताया गया कि आपदा प्रबंध अधिनियम-2005, महामारी अधिनियम-1897, भारतीय दंड संहिता की धारा-188, 269,270, 271 व इससे संबद्ध अन्य कम गंभीर अपराध की धाराओं से संबंधित पूरे प्रदेश में तीन लाख से अधिक अभियोग दर्ज किए गए थे।

शासन ने इन तीन लाख प्राथमिकियों में से, जिनमें आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हो गए हैं, उन्हें वापस लिये जाने की अनुमति दे दी है।