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मुख्यमंत्री योगी का 100 दिन लक्ष्य- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जून अंत तक चालू होने की अपेक्षा

उत्तर प्रदेश में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के इस वर्ष जून के अंत तक शुरू होने की अपेक्षा है।

कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के अनुसार, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का पूरा होना प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों के लक्ष्यों का भाग है।

टाइम्स ऑफ इंडिया को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल ने बताया, “बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का पूरा होना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हमारे लिए 100-दिवसीय लक्ष्यों के तहत प्रमुख महत्व रखता है। परियोजना का 91 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और जो शेष बचा है, उसे तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। हम इस लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त करने की अपेक्षा करते हैं।”

उन्होंने कहा, “एक्सप्रेसवे रक्षा गलियारे की प्रगति में तेजी लाएगा। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे, बलिया लिंक एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी काम को प्राथमिकता दी जाएगी।”

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर यूपीईडा की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट में 881 संरचनाओं में से 863 के साथ 91.27 प्रतिशत कार्य का कुल पूरा होना दर्शाया गया है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा जिले के गाँव कुदरैल से शुरू होता है और चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास समाप्त होता है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र, विशेष रूप से चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे कम विकसित जिलों में विकास में तेजी लाने के लिए इस एक्सप्रेसवे को लिया है।

इसकी निर्माण लागत 7,700 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस परियोजना को छह पैकेज में बाँटा गया है। एप्को इंफ्राटेक, अशोका बिल्डकॉन, गावर कंस्ट्रक्शन और दिलीप बिल्डकॉन जैसे डेवलपर्स के साथ अनुबंध किए गए हैं।

एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से एक सुगम यातायात गलियारे से जुड़ा होगा। इस प्रकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर दिल्ली) से जुड़ा होगा।