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कांग्रेस स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर हुए मनीष तिवारी बोले- “नाम होता तो आश्चर्य होता”

पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस द्वारा स्टार प्रचारकों की सूची से नाम हटाए जाने के एक दिन पश्चात पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने शनिवार को कहा, “यदि मेरा नाम वहाँ होता तो मुझे आश्चर्य होता। ये आश्चर्य नहीं कि उसमें मेरा नाम नहीं और क्यों नहीं, ये सब जानते हैं।”

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने 20 फरवरी के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 30 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की और मनीष तिवारी और गुलाम नबी आजाद के नाम छोड़ दिए। दरअसल, ये नेता जी-23 नेताओं के प्रमुख सदस्यों में से हैं, जिन्होंने पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर संगठनात्मक सुधार की मांग की थी।

हालाँकि, जी-23 के कुछ अन्य सदस्यों जैसे आनंद शर्मा और भूपिंदर सिंह हुड्डा सम्मिलित किए गए हैं। मनीष तिवारी ने कहा, “सांसद और एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में मैं सोचता हूँ कि लोकतंत्र में मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार निर्वाचित विधायकों के पास होता है। अभियान का नेतृत्व कौन करेगा, इसका चेहरा कौन बनेगा ये पार्टी निश्चित करती है।”

इसको लेकर टीएमसी के पूर्व सांसद अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर कहा, “पंजाब कांग्रेस में दुखद स्थिति है क्योंकि उन्होंने एक प्रमुख वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंत्री मनीष तिवारी को पंजाब में स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर दिया। इस तरह की संकीर्ण सोच कांग्रेस को चुनाव जीतने में कभी सहायता नहीं करेगी।”

उधर, मनीष तिवारी ने पंजाब में हिंदू-सिख विवाद पर सफाई दी कि प्रदेश में यह कोई मुद्दा नहीं है। वे उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें आरोप लगा था कि सुनील जाखड़ को हिंदू होने की वजह से कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया था।