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ऊबर लंदन में हुआ लाइसेंस-विहीन, महापौर सादिक़ खान के तथाकथित स्वार्थों से तकरार

सोमवार (25 नवंबर) को टैक्सी कंपनी ऊबर को झटका लगा जब ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन (टीएफएल) ने घोषणा की कि यूएस आधारित इस कंपनी का लाइसेंस नहीं बढ़ाया जाएगा। मध्यरात्रि तक ही इस लाइसेंस की वैधता थी व 21 दिनों के भीतर कंपनी याचिका दायर कर सकती है।

ऊबर से इस निर्णय को “असामान्य और गलत” कहा। वहीं टीएफएल का कहना है कि ऊबर यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रख पाया, जिस कारण इसका लाइसेंस नहीं बढ़ाया जा रहा है। टीएफएल का यह भी कहना है कि ऊबर कई उल्लंघनों और असमर्थता के कारण यात्रियों को खतरे में डालता है।

ऊबर ने कुछ मामलों में सुधार किया है लेकिन फिर भी टीएफएल को विश्वास नहीं कि ये गलतियाँ दोहराई नहीं जाएँगी। टीएफएल ने कहा कि ऊबर गैर-अधिकृत चालकों को ऊबर चालकों के खाते में अपनी फोटो अपलोड करने देता था ताकि वे चालक बनकर यात्री को सेवा दे सकें। इस कारण लगभग 14,000 गैर-ज़िम्मेदार यात्राएँ हुईं।

दो वर्षों में यह दूसरी बार होगा जब ऊबर लाइसेंस-हीन होगा। सितंबर 2017 में टीएफएल ने ऊबर को लंदन की सड़कों के लिए अनुपयुक्त बताकर लाइसेंस नवीनीकृत (रिन्यू) नहीं किया था।

लंदन के महापौर सादिक़ खान पर आरोप है कि वे 21,000 ब्लैक कैब चालकों में निहित स्वार्थ के कारण ऊबर का विरोध करते रहते हैं।टीएफएल के निर्देश के कारण ऊबर के शेयर भी 6.3 प्रतिशत गिर गए थे। 2018 में ऊबर की 24 प्रतिशत सेवा लेने वाले शीर्ष पाँच शहरों में लंदन भी था।