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अरबपति माइकल ब्लूमबर्ग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में, ट्रंप ने नहीं माना खतरा

अरबपति माइकल ब्लूमबर्ग, तकनीकी अरबपति एवं न्यू यॉर्क शहर के पूर्व महापौर इन दिनों अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र अपनी नींव तैयार कर रहे हैं।

न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार इसी हफ्ते ख़त्म हो रहे राष्ट्रपति नामांकनों में अरबपचि माइकल ब्लूमबर्ग जल्द अपना नामांकन दाखिल करेंगे ताकि वें लोकतांत्रिक दल की राष्ट्रपति पद का दावा कर रही पार्टी अलबामा लोकतांत्रिक की ओर से प्रत्याशी बन सकें।

इसी साल मार्च में ब्लूमबर्ग ने बताया था कि वे राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते हैं। हालाँकि उन्होंने यह वादा किया था कि वे करीब 500 मिलियन डॉलर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को हराने के लिए खर्च करेंगे।

ब्लूमबर्ग के करीबियों की मानें तो ब्लूमबर्ग ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की योग्यताओं को देखते हुए अपनी धारणा बदल दी है।

गुरुवार को होवार्ड वुल्फसन, ब्लूमबर्ग के करीबी सलाहकार के मुताबिक, “यदि माइकल हिस्सा लेते हैं तो लोकतांत्रिक दल को एक नया विकल्प मिल सकता है जिसके पास अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यू यॉर्क को चलाने में महारत हासिल है। उन्होंने इतने बड़े व्यापार को शून्य से शिखर तक पहुँचाया और साथ ही जिसने उच्च-प्रभाव वाले लोकोपकारक कार्यों से अमेरिका की सबसे कठिन समस्याओं का सामना किया।”

जब तक पूर्व उप-राष्ट्रपति जोए बिडेन इस दौड़ में अग्रणी थे तब तक ब्लूमबर्ग चुनाव में हिस्सा लेने से इनकार कर रहे थे। हालाँकि देखा जा रहा है कि बिडेन राष्ट्रपति ट्रंप को चुनौती देने के लिए लोकतांत्रिक दल के मनोनीत व्यक्तियों की दौड़ में अपनी गति खो चुके हैं।

माइकल ब्लूमबर्ग ने पिछले साल अपने विश्वविद्यालय जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय को 1.8 करोड़ डॉलर देने की बात कही थी जो किसी व्यक्ति द्वारा दान दी हुई धनराशियों में सर्वाधिक है।

ब्लूमबर्ग की राष्ट्रपति नामांकन खबरों पर ट्रंप ने कहा, “वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएँगे, बिडेन को ज़रूर नुकसान पहुँचाएँगे।”