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इज़रायल पर 38 घंटे में दागे गए 1050 रॉकेट, जवाब में गाज़ा के आतंकी ठिकाने किए नष्ट

इज़रायल और फिलिस्तीन के बीच कई सप्ताह से जारी तनाव हिंसक युद्ध में परिवर्तित हो चुका है। मंगलवार (11 मई) को फिलिस्तीन के हमास (इज़रायल इसे आतंकी संगठन के रूप में मानता है) की तरफ से इज़रायल पर करीब एक हजार से रॉकेट दागे गए। इन हमलों में 35 लोगों की जान चली गई, जिसमें एक केरल की महिला भी है। वहीं 152 अन्य घायल हुए हैं।

इज़रायल के रक्षा बलों का कहना है कि गत 38 घंटे में हमास की ओर से 1050 से अधिक रॉकेट पूरे मध्य और दक्षिणी इज़रायल में दागे गए हैं। आयरन डोम एरियल डिफेंस सिस्टम ने गाज़ा से इज़रायल आ रहे हमास यूएवी को हवा में ही नष्ट कर दिया था। देश की राजधानी तेल अवीव, एश्केलोन, होलन और लॉड शहर में हमले के बाद आपातकाल की घोषणा कर दी गई।

देश के रक्षा बलों का कहना है कि गत 24 घंटों में सैकड़ों रॉकेटों के जवाब में आईडीएफ ने 2014 के बाद से सबसे बड़ी स्ट्राइक में गाज़ा पट्टी में कई महत्वपूर्ण आतंकी ठिकानों पर हमला किया। वर्तमान में गाज़ा में और अधिक आतंकी ठिकानों पर हमला किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “आईएसए के साथ हमारे लड़ाकू विमानों ने हमास के खुफिया विभाग- हमास सैन्य सुरक्षा विभाग के प्रमुख हसन काओगी और सैन्य खुफिया प्रतिशोध विभाग के उप प्रमुख वेल इस्सा को मार गिराया है।”

गाज़ा से आतंकियों ने मध्य और दक्षिणी इज़रायल की आबादी वाले शहरों में बिना रुके रॉकेटों से हमला किया। इसके चलते वहाँ के नागरिकों को बम रोधी आश्रय घरों में छिपकर रात गुज़ारनी पड़ी। तेल अवीव पर रात 3 बजे के करीब रॉकेट दागे गए, जिसके बाद वहाँ के नागरिकों को जगाकर बचाने के लिए बमरोधी आश्रय घरों में ले जाया गया।

बता दें कि येरूशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद को मुस्लिम समुदाय मक्का व मदीना के बाद तीसरा पवित्र स्थल मानते हैं। परिसर, जिसे मुस्लिम हरम अल-शरीफ के नाम से बुलाते हैं, इसको यहूदी भी अपने लिए पवित्र मानते हैं।

दमास्कस गेट प्लाजा में बड़ी संख्या में लोगों को जुटने से रोकने के लिए इज़रायल पुलिस ने गत 12 अप्रैल को अवरोधक लगाए थे। यह प्लाज़ा पूर्वी यरूशलम में स्थित है और इस पर इज़रायल का नियंत्रण है।

रमज़ान में फिलिस्तीनी मुस्लिम यहाँ बड़ी संख्या में जुटते हैं। इज़रायल को यहाँ खतरा पैदा होने की आशंका थी। उसने 16 अप्रैल को अल-अक्सा मस्जिद में नमाज़ के लिए लोगों की संख्या 10,000 तय कर दी। नमाज़ अदा करने के लिए हजारों फिलिस्तीनी मस्जिद आने चाहते थे लेकिन इन सभी को वापस भेज दिया गया।

सोमवार को इज़रायली पुलिस ने अल-अक्सा मस्जिद परिसर पर धावा बोल दिया। पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे सैकड़ों फिलिस्तीनी घायल हुए थे। इसके बाद से इज़रायल और फिलिस्तीन के चरमपंथी समूह हमास के बीच संघर्ष तेज हो गया।