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अडानी के बंदरगाहों पर अब ईरान, पाक या अफगानिस्तान से आने वाले कार्गो नहीं उतरेंगे

अडानी बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र (ऐपसेज़) ने सोमवार (11 अक्टूबर) को एक व्यापारिक सलाह जारी कर घोषणा की कि वह ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले किसी भी कंटेरन कार्गो को नहीं उतारेगा।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रत त्रिपाठी द्वारा जारी बयान में कहा गया, “कृपया सूचित किया जाए कि 15 नवंबर-2021 से ऐपसेज़ ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आने वाले एग्ज़िम कंटेनर कार्गो को नहीं संभालेगा। यह व्यापारिक सलाह ऐपसेज़ द्वारा संचालित सभी टर्मिनलों और तीसरे पक्ष के टर्मिनलों सहित किसी भी ऐपसेज़ बंदरगाह पर अगली सूचना तक लागू होगी।

बता दें कि मुंद्रा बंदरगाह पर दो कंटेनरों से लगभग 3,000 किलोग्राम हेरोइन जब्त किए जाने के लगभग एक महीने बाद यह सलाह जारी की गई है। 13 सितंबर को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा रोकी गई खेप के बारे में कहा जाता है कि यह अफगानिस्तान के कंधार से आई थी और ईरान में बंदर अब्बास बंदरगाह के माध्यम से कच्छ जिले के मुंद्रा बंदरगाह पर उतारी गई थी।

उक्त घटना के बाद कंपनी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया। उसके बाद अडानी समूह द्वारा संचालित कंपनी को एक बयान जारी करने के लिए विवश होना पड़ा। बयान में कंपनी ने कहा था, “ऐपसेज़ एक बंदरगाह संचालक है, जो माल ढुलाई वाले पानी के जहाजों को सेवाएँ प्रदान करता है। मुंद्रा या हमारे किसी भी बंदरगाह में टर्मिनल से गुजरने वाले कंटेनरों या लाखों टन कार्गो पर हमारा कोई अधिकार नहीं होता है।”