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अफगानिस्तान उपराष्ट्रपति की राष्ट्रीय प्रतिरोध आंदोलन की घोषणा, पाक सेना को भी घेरा

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने गुरुवार (29 जुलाई) को कहा कि राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान के विरुद्ध देश की लड़ाई को सशक्त बनाने के लिए अफगान सुरक्षाबलों के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय प्रतिरोध आंदोलन (एनआरएम) की घोषणा की थी।

एनआरएम हर उस अफगान गाँव और समुदाय को सम्मिलित करेगा, जो तालिबानी आतंकवादियों के हमलों के विरुद्ध खड़े हुए हैं।

अमरुल्ला सालेह ने एक ट्वीट के माध्यम से अफगान राष्ट्रपति के हवाले से कहा, “हर अफगान गाँव और समुदाय, जो तालिबान के आतंकी हमलों के विरुद्ध खड़े हुए हैं और उन्हें अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बल (एएनडीएसएफ) के नेतृत्व में राष्ट्रीय प्रतिरोध आंदोलन के तहत सम्मिलित किया गया है। यह पहले से ही हो रहा है।”

कथित तौर पर अशरफ गनी ने अफगान राष्ट्रपति भवन में संयुक्त समन्वय और निगरानी बोर्ड की बैठक (जेसीबीएम) में एनआरएम की घोषणा की थी।

अपने ट्वीट में सालेह ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान तालिबान के प्रतिनिधि या उसके समर्थक के सामने नहीं झुकेगा। उनके इस बयान में साफ तौर पर पाकिस्तानी सेना का भी वर्णन है, जिसने लंबे समय से आतंकी संगठन का समर्थन किया है।

बुधवार (28 जुलाई) को एक अन्य ट्वीट में उपराष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में आतंकवाद की समस्या को समाप्त करने की आड़ में पश्चिमी देशों से अरबों डॉलर की मांग के लिए पाकिस्तानी सेना और आईएसआई को भी फटकार लगाई थी।