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टाटा लंबी अवधि की ईवी महत्वाकांक्षाओं संग सेमीकंडक्टर व बैटरी उत्पादन में उतरेगा

वैश्विक रूप से चिप की कमी को दूर करने के लिए टाटा समूह ने सेमीकंडक्टर उत्पादन में उद्यम करने की योजना बनाई है।

टाटा संस प्राइवेट के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को बताया कि समूह एक साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बैटरी बनाने पर विचार कर रहा है।

टाटा मोटर्स कथित तौर पर चिप्स के विकल्प तलाश रही है और यहाँ तक ​​कि उन्हें खुले बाजार से खरीद रही है, ताकि प्रचलित सेमीकंडक्टर की कमी के आसपास भी काम किया जा सके।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्र के हवाले से कहा गया, आपूर्ति शृंखला बहुत अधिक अनिश्चित होती जा रही है।”

देश के इलेक्ट्रिक-कार बाज़ार में कंपनी की 70 प्रतिशत भागीदारी है और चंद्रा ने बताया कि चिप की कमी का गैसोलीन मॉडल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर अधिक तीव्र प्रभाव पड़ता है।

इसके बाद टाटा मोटर्स में ईवी की प्रतीक्षा अवधि आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) कारों के लिए चार माह की तुलना में छह माह तक हो सकती है।

इस बीच, ऑटोमेकर ने 2025 तक अपनी पहली शुद्ध इलेक्ट्रिक कार ‘अविन्या’ को लॉन्च करने की अपनी योजना को भी सार्वजनिक कर दिया है।