समाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जी-20 सचिवालय की स्थापना को स्वीकृति दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार (15 फरवरी) को जी-20 सचिवालय और इसकी रिपोर्टिंग संरचनाओं की स्थापना को झरी झंडी दी, जो भारत के आगामी जी-20 प्रेसिडेंसी के संचालन के लिए आवश्यक समग्र नीतिगत निर्णयों और व्यवस्थाओं के कार्यान्वयन के लिए ज़िम्मेदार होगा।

भारत ने अगले वर्ष देश में होने वाले जी-20 समिट की तैयारी शुरू कर दी है। भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक जी-20 की अध्यक्षता करेगा, जिसका समापन 2023 में भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन के साथ होगा। जी-20 अंतर-राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है, जो वैश्विक आर्थिक शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, अभ्यास के के तहत भारत के जी-20 प्रेसीडेंसी के मूल, ज्ञान, सामग्री, तकनीकी, मीडिया, सुरक्षा और लॉजिस्टिक पहलुओं से संबंधित कार्यों को संभालने के लिए एक जी-20 सचिवालय की स्थापना की जा रही है।

सचिवालय का संचालन विदेश मंत्रालय, वित्त मंत्रालय अन्य संबंधित मंत्रालयों, विभागों और डोमेन ज्ञान विशेषज्ञों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा।

भारत के जी-20 प्रेसीडेंसी को समग्र मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु सचिवालय फरवरी 2024 तक कार्य करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक शीर्ष समिति द्वारा निर्देशित किया जाएगा। इसमें वित्त मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और जी-20 शेरपा (वाणिज्य और उद्योग, कपड़ा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री) सम्मिलित होंगे।

इसके अतिरिक्त, जी-20 की सभी तैयारियों की निगरानी और शीर्ष समिति को रिपोर्ट करने के लिए एक समन्वय समिति भी गठित होगी।

विज्ञप्ति में कहा गया कि जी-20 सचिवालय बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक मुद्दों पर भारत के नेतृत्व के लिए ज्ञान और विशेषज्ञता सहित दीर्घकालिक क्षमता निर्माण को सक्षम करेगा।