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घरेलू कोयला उत्पादन संग विद्युत मांग में वृद्धि के बावजूद आयात में बड़ी कमी- सरकार

केंद्र सरकार ने मंगलवार (8 मार्च) को जानकारी दी कि कोयले के घरेलू उत्पादन में वृद्धि के साथ भारत ने विद्युत मांग में वृद्धि के बावजूद आयात में उल्लेखनीय कमी हासिल की है।

कोयला मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान गैर-कोकिंग कोयले के सभी स्तर का आयात घटकर 11.75 करोड़ टन हो गया है, जो वित्त वर्ष 20 के इसी महीनों के दौरान 14.78 करोड़ टन था। इससे लगभग 20.52 प्रतिशत की गिरावट आई है।

वित्त वर्ष 2020 की समान अवधि की तुलना में दिसंबर 2021 तक विद्युत क्षेत्र में मुख्य रूप से उपयोग किए जाने वाले गैर-कोकिंग कोयले का आयात 59.2 प्रतिशत घटकर 52.49 मीट्रिक टन से 21.41 मीट्रिक टन हो गया है।

मंत्रालय ने कहा, “अप्रैल से दिसंबर 2021 की अवधि में कोयले का कुल आयात भी घटकर 16.08 करोड़ टन हो गया है, जबकि वित्त वर्ष 20 की इसी अवधि के दौरान 18.66 करोड़ टन की तुलना में लगभग 13.82 प्रतिशत की कमी का संकेत देता है। इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष विदेशी मुद्रा भंडार की महत्वपूर्ण बचत हुई। विशेषकर जब अंतर-राष्ट्रीय बाज़ार में कोयले का मूल्य उच्च स्तर पर है।”

इसमें कहा गया कि घरेलू कोयला उत्पादन को और बढ़ाने के लिए सभी प्रयास जारी हैं क्योंकि अतिरिक्त कोयले की उपलब्धता से कोयले के आयात-प्रतिस्थापन में सहायता मिलेगी।

मंत्रालय ने कहा कि दिसंबर 2021 तक घरेलू कोयला आधारित विद्युत उत्पादन 727.39 बीयू (खरब यूनिट) है, जो वित्त वर्ष 2020 की इसी अवधि के दौरान 648.843 बीयू के उत्पादन पर 12.10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ है।

आयातित कोयला आधारित विद्युत उत्पादन, जो अप्रैल से दिसंबर 2019 के दौरान 69.56 बीयू था, चालू वित्त वर्ष 22 के इसी महीनों के दौरान 53.10 प्रतिशत घटकर 32.62 बीयू हो गया है।