समाचार
राजनाथ सिंह अगले सप्ताह करेंगे वियतनाम का दौरा, ब्रह्मोस व रक्षा निर्यात पर होगी बात

जनवरी के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वियतनाम यात्रा के दौरान रक्षा निर्यात और रक्षा उपकरणों के प्रशिक्षण और रखरखाव हेतु सहयोग कार्यसूची में सबसे ऊपर होगा।

रक्षा मंत्री के दौरे का आधिकारिक कारण दोनों देशों के मध्य राजनयिक संबंध स्थापित करने की स्वर्ण जयंती मनाना है।

भारत और वियतनाम दोनों सोवियत और रूसी निर्मित रक्षा उपकरणों का उपयोग करते हैं। नई दिल्ली और मॉस्को द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस मिसाइल को खरीदने में भी वियतनाम रुचि रखता है।

गत वर्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके वियतनामी समकक्ष सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल फान वान गियांग के मध्य एक बैठक के बाद दोनों राष्ट्र रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी में अपने सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए थे।

कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से राजनाथ सिंह की यह पहली दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा होगी। आसियान क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता इस बैठक की पृष्ठभूमि में बनी रहेगी।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और वियतनाम ने 2016 में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) पर सहमति व्यक्त की थी और नई दिल्ली ने हनोई को 10 करोड़ डॉलर की रक्षा लाइन ऑफ क्रेडिट भी दिया है।