समाचार
वंदे भारत एक्सप्रेस हेतु ट्रेन संचालक विद्युत लाइनों की क्षमता दोगुनी करने की योजना

वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेनों के सुचारू रूप से संचालन को सुनिश्चित करने हेतु भारतीय रेलवे ने ट्रेन संचालक विद्युत लाइनों की क्षमता दोगुनी करने की योजना बनाई है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने एक आदेश में कहा कि मार्गों के सभी विद्युतीकरण को अब केवल 2×25 केवी संकर्षण सिस्टम के साथ स्वीकृति दी जाएगी, जो पहले से ही 1×25 केवी संकर्षण सिस्टम से उन्नत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष घोषणा की थी कि 2023 में स्वतंत्रता दिवस तक पूरे भारत में 75 वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी।

रेलवे बोर्ड का उच्च क्षमता वाले विद्युतीकरण का कदम कथित तौर पर 75 वंदे भारत ट्रेनों का पूरक होगा, जो अगस्त 2023 तक पटरियों पर दौड़ने वाली हैं।

इसके अतिरिक्त, इस वर्ष की शुरुआत में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि आगामी 3 वर्षों में 400 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा।

रेल मंत्रालय पहले ही लगभग 1,140 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली और मुगलसराय के मध्य उच्च घनत्व खंड पर 1,650 ट्रैक किलोमीटर पर विद्युतीकरण के उन्नयन के लिए एक निविदा जारी कर चुका है।

इसके अतिरिक्त, मुंबई-दिल्ली और दिल्ली-हावड़ा मार्गों के उन्नत विद्युतीकरण के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। इस बीच, मुंबई-चेन्नई और कोलकाता-चेन्नई मार्गों के उच्च क्षमता विद्युतीकरण के लिए बजटीय आवंटन पूर्व स्वीकृति के चरण में है।