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कोवैक्सीन के लिए डब्ल्यूएचओ की स्वीकृति में 5 अक्टूबर तक की देरी- रिपोर्ट

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) की प्रतीक्षा थोड़ी लंबी होने वाली है। कहा जा रहा है कि वैश्विक स्वास्थ्य निकाय ने 5 अक्टूबर तक स्वीकृति में देरी की है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ का टीकाकरण पर विशेषज्ञों का रणनीतिक सलाहकार समूह (एसएजीई) 5 अक्टूबर को कोवैक्सीन को ईयूए देने पर निर्णय लेने के लिए बैठक करेगा। यह वैक्सीन के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों के आँकड़ों का विश्लेषण करेगा।

एसएजीई वैक्सीन के बाज़ार में जारी होने के बाद के अध्ययनों पर भी विचार करेगा, जिसमें सुरक्षा, प्रतिरक्षण क्षमता, गुण और प्रभावशीलता सम्मिलित होगी। यह वैक्सीन सुरक्षा निगरानी के लिए वैश्विक, क्षेत्रीय और देशस्तरीय योजनाओं के नवीनीकरण की भी समीक्षा करेगा।

बता दें कि कोवैक्सीन भारत में पहली स्वदेशी रूप से विकसित कोविड-19 वैक्सीन है। इसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के निकट सहयोग से डॉ कृष्णा एला के नेतृत्व वाली भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया गया था।