समाचार
आकाश प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण, पहली बार में हवाई लक्ष्य किया नष्ट

रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि आकाश मिसाइल के एक नए संस्करण आकाश प्राइम का सोमवार (27 सितंबर) को सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण ओडिशा में चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से किया गया।

सुधार के बाद अपने पहले उड़ान परीक्षण में मिसाइल ने शत्रु के विमानों की नकल करते हुए एक मानव रहित हवाई लक्ष्य को रोक दिया और नष्ट कर दिया।

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा, “वर्तमान आकाश प्रणाली की तुलना में आकाश प्राइम बेहतर सटीकता के लिए एक स्वदेशी सक्रिय रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) साधक से लैस है।”

अन्य सुधार भी उच्च ऊँचाई पर कम तापमान वाले वातावरण में अधिक विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करते हैं। मौजूदा उड़ान परीक्षण के लिए वर्तमान आकाश हथियार प्रणाली की संशोधित भूमि प्रणाली का उपयोग किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि आईटीआर के रेंज स्टेशनों में राडार, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) और टेलीमेट्री स्टेशन सम्मिलित हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आकाश प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (डीपीएसयू) और उद्योग को बधाई दी। उन्होंने कहा, “सफल उड़ान परीक्षण विश्व स्तरीय मिसाइल प्रणालियों के डिज़ाइन और विकास में डीआरडीओ की क्षमता को साबित करता है।”

डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ जी सतीश रेड्डी ने आकाश प्राइम मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “आकाश प्राइम प्रणाली उपयोगकर्ताओं (भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना) के विश्वास को दोगुना कर देगी। दरअसल, आकाश प्रणाली पहले ही सम्मिलित हो चुकी है और अब और अधिक घातक मिसाइलों के साथ इसमें सुधार हो रहा है।”