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धार्मिक स्वतंत्रता की गलत सूचना वाली रिपोर्ट व टिप्पणियों पर भारत ने यूएस को फटकारा

विश्वभर में धार्मिक स्वतंत्रता पर विदेश विभाग की जारी रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों की गलत सूचना पर आधारित टिप्पणियों के बाद भारत ने अंतर-राष्ट्रीय संबंधों में वोट बैंक की राजनीति का उपयोग करने हेतु संयुक्त राज्य की आलोचना की।

इस संबंध में आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने अंतर-राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी विदेश विभाग 2021 की रिपोर्ट जारी करने और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा गलत सूचना पर आधारित टिप्पणियों पर ध्यान दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अंतर-राष्ट्रीय संबंधों में वोट बैंक की राजनीति की जा रही है।”

उन्होंने कहा, “हम अनुरोध करेंगे कि प्रेरित इनपुट और पक्षपातपूर्ण विचारों के आधार पर आकलन से बचा जाए। एक स्वाभाविक रूप से बहुलवादी समाज के रूप में भारत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को महत्व देता है।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “अमेरिका के साथ हमारी चर्चाओं में हमने वहाँ ऐसे मुद्दों पर चिंताओं को रेखांकित किया है, जिसमें जातीय एवं नस्लीय प्रेरित हमले, घृणा अपराध व बंदूक आधारित हिंसा सम्मिलित हैं।”

बता दें कि गुरुवार (2 जून) को एक प्रेस वार्ता में अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने भारत सहित कई देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी।

अंतर-राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के लिए अमेरिकी राजदूत राशद हुसैन ने रिपोर्ट जारी होने के बाद कहा था, “हम अफगानिस्तान, बर्मा, चीन, भारत, नाइज़ीरिया, पाकिस्तान और वियतनाम सहित विश्व भर के देशों में धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों के बारे में चिंतित हैं।”

उन्होंने कहा, “हम भारत में कई धार्मिक समुदायों को निशाना बनाने से चिंतित हैं, जिनमें ईसाई, मुस्लिम, सिख, हिंदू दलित और स्वदेशी समुदाय भी सम्मिलित हैं।”

उन्होंने दावा किया कि सरकारी अधिकारी ना केवल पूजा स्थलों पर लोगों पर बढ़ते हमलों की अनदेखी कर रहे हैं बल्कि उनका समर्थन भी कर रहे हैं।