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वेदांता जून के मध्य तक सेमीकंडक्टर व डिस्प्ले विनिर्माण संयंत्र हेतु जगह तय करेगी

वेदांता के जून के मध्य तक भारत में अपने 20 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण संयंत्र के लिए एक स्थान को अंतिम रूप देने की संभावना है।

कंपनी आगामी दो वर्षों में अपना पहला चिप उत्पाद तैयार करने की योजना बना रही है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

रॉयटर्स के साथ एक साक्षात्कार में अग्रवाल ने कहा, “कंपनी सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले के लिए विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना हेतु साइटों को अंतिम रूप देने की योजना बना रही है। परियोजना के पहले चरण में 2 अरब डॉलर का निवेश होगा।”

वेदांता समूह के अध्यक्ष ने कहा, “निजी इक्विटी कंपनियाँ भारत के सेमीकंडक्टर विस्तार का भाग बनने की इच्छुक हैं और परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है।”

कंपनी ने ताइवान की फॉक्सकॉन के साथ साझेदारी की है, ताकि 20 अरब डॉलर के कुल नियोजित निवेश परिव्यय के साथ चिप और डिस्प्ले निर्माण के लिए अलग इकाइयाँ स्थापित करने हेतु एक संयुक्त उद्यम बनाया जा सके।

रॉयटर्स को ग्रवाल ने दावोस में एक साक्षात्कार में बताया, “फॉक्सकॉन हमारा तकनीकी साझेदार है। हम फैब के लिए इक्विटी साझेदार नहीं ले सकते। फॉक्सकॉन, जो कि एप्पल के लिए अनुबंध निर्माता है, के पास तकनीक प्रदान करने से लेकर सेमीकंडक्टर बनाने तक के संचालन की तकनीकी ज़िम्मेदारी होगी।”

कंपनी कथित तौर पर विनिर्माण इकाइयों के स्थान के लिए कई राज्यों से वार्ता कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सेमीकंडक्टर बाज़ार 2020 में 15 अरब डॉलर की तुलना में 2026 तक बढ़कर 63 अरब डॉलर होने का अनुमान है।

अग्रवाल के हवाले से कहा गया, “आपको भारत में एक और ताइवान बनाना होगा। वैश्विक चिप निर्माण पावरहाउस बनने के लिए भारत को पूरे सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को स्थानीय स्तर पर लाने पर ध्यान देना होगा।”