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बूस्टर खुराक में नहीं होगा टीकों का मिश्रण, वही वैक्सीन होगी जो पूर्व में दी गई- केंद्र

केंद्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि सबसे अतिसंवेदनशील आबादी वाले समूहों के लिए 10 जनवरी से शुरू होने वाली बूस्टर खुराक का प्रबंध करते समय कोविड के टीकों का मिश्रण नहीं किया जाएगा।

नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने देश में कोविड-19 स्थिति और स्वास्थ्य प्रणाली की तैयारियों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा, “एहतियाती कोविड-19 वैक्सीन की खुराक वही वैक्सीन होगी, जो पूर्व में दी गई है। जिन्होंने कोवैक्सिन प्राप्त की है, वे कोवैक्सिन प्राप्त करेंगे, जिन्होंने कोविशील्ड की प्राथमिक दो खुराक प्राप्त की है, वे कोविशील्ड प्राप्त करेंगे।”

हालाँकि, उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता जाएगा और अधिक डेटा उपलब्ध होता जाएगा, बाद में इसकी समीक्षा की जा सकती है।

25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि एक एहतियाती खुराक या एक बूस्टर खुराक 10 जनवरी से स्वास्थ्य सेवा व अंग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले बीमारियों से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को दी जाएगी।

एक दिन बाद जारी दिशा-निर्देशों में मंत्रालय ने कहा था कि बूस्टर खुराक के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले सभी लोगों को टीकाकरण की दूसरी खुराक के 9 महीने पूरे करने होंगे। हालाँकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह मिश्रित वैक्सीन की खुराक देने की अनुमति देगी।

गत सप्ताह आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा था कि इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने और बूस्टर खुराक पर अंतिम निर्णय लेने से पूर्व स्थानीय रूप से उपलब्ध आँकड़ों की जाँच करने के लिए कई बैठकें हो रही हैं।