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सरकार ने 1 लाख ईवी तिपहिया वाहनों की खरीद हेतु ₹3,000 करोड़ की निविदा निकाली

केंद्र सरकार देश में 60 लाख से अधिक तीन पहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने पर विचार कर रही है। सरकार का यह कदम 2030 तक मार्गों पर दौड़ने वाले सभी तरह के वाहनों में से 30 प्रतिशत को विद्युत में परिवर्तित करने का है।

इस संबंध में सरकार द्वारा संचालित कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने लगभग एक लाख इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों की खरीद हेतु 3000 करोड़ रुपये की निविदा जारी की, ताकि उन्हें माल ढुलाई, कचरे का निपटान, भोजन व वैक्सीन के परिवहन, यात्री सेवाओं जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए तैनात किया जा सके।

लगभग 20 मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) ने पूर्व निविदा सम्मेलन में भाग लिया।

इकोनॉमिक टाइम्स के हवाले से सीईएसएल के एमडी और सीईओ महुआ आचार्य ने कहा, “निविदा जारी करने से पूर्व हमने मांग एकत्रीकरण के लिए एक सार्वजनिक अभ्यास शुरू किया। हमें वित्तदाताओं, फ्लीट एग्रीगेटर्स और अन्य सरकारी कार्यों जैसे कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत लगभग 85,000 (तिपहिया वाहनों) के लिए धन प्राप्त हुआ।

आचार्य ने कहा, “इस वजह से हमने अतिरिक्त 15,000 का अंतर रखा और 1 लाख इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन खरीदने के लिए निविदा जारी की।”

निविदा का एक बड़ा हिस्सा उन वाहनों की मांग से संबंधित है, जिनका उपयोग टीकों की आपूर्ति और बाद में रोजगार प्रदान करने के लिए किया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की मांग मुख्य रूप से उन शहरों से आ रही है, जो अपने कचरा संग्रह बेड़े को जीवाश्म ईंधन से इलेक्ट्रिक में बदलना चाहते हैं। वे एक नया हरित बेड़ा शुरू करने के लिए भी तैयार हैं, जिसकी परिचालन लागत कम हो।