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उत्तराखंड में केजरीवाल ने पूर्व सैनिकों को सेवानिवृत्ति बाद नौकरी का वादा किया- रिपोर्ट

आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख और दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड का छठा दौरा किया। केजरीवाल ने पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की।

उन्होंने देहरादून में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि पार्टी राज्य में सत्ता में आती है तो हर माह 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के खातों में 1,000 रुपये जमा किए जाएँगे।

देहरादून रैली में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि आप सत्ता में आती है तो उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को नौकरी दी जाएगी। फौजियों को उनकी सेवानिवृत्ति के ठीक बाद राज्य में नौकरी देंगे। सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कथित तौर पर कहा कि जब एक सैनिक सर्वोच्च बलिदान देगा तो कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल स्वयं परिवार से मिलने आएँगे। उन्होंने कहा कि आप एक करोड़ रुपये का मुआवजा देगी।

केजरीवाल के दौरे से एक दिन पूर्व आप के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनंत राम चौहान कांग्रेस में सम्मिलित हो गए। वह एक सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा, “मैंने आप को छोड़ दिया क्योंकि राज्य में पार्टी की गतिविधियों को लेकर मुझे विश्वास में नहीं लिया जा रहा था।”

उन्होंने आगे कहा, “दिल्ली से सब कुछ तय किया जा रहा था कि क्या करना है, कब प्रेसवार्ता करनी है वगैरह। हम यहाँ कुछ भी तय नहीं कर पाए इसलिए मैं पार्टी में घुटन महसूस कर रहा था और मैंने कांग्रेस में सम्मिलित होने का निर्णय लिया।”

आप द्वारा किए गए अन्य वादों में राज्य में लोगों को मुफ्त तीर्थ यात्रा, बेरोजगार युवाओं को नौकरी न मिलने तक 5,000 रुपये वजीफा देना सम्मिलित है। राज्य में हर घर में रोजगार, सत्ता में आने के 6 माह के भीतर 1 लाख सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया।