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उत्तर प्रदेश में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का 88 प्रतिशत काम पूरा हुआ

उत्तर प्रदेश में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का कार्य 88 प्रतिशत पूरा होने तक पहुँच गया है और शेष निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है।

वहीं, मुख्य कैरिजवे में क्लियरिंग और ग्रबिंग (सीएंडजी) और मिट्टी का काम पूरा हो गया है। एक्सप्रेसवे पर ग्रैनुलर सब बेस (जीएसबी) और वेट मिक्स मैकडैम (डब्ल्यूएमएम) का कार्य क्रमशः 97 प्रतिशत और 94 प्रतिशत तक पहुँच गया है।

इसके अतिरिक्त, डेंस बिटुमिनस मैकडैम (डीबीएम) का काम 91 प्रतिशत तक पहुँच गया है और एक्सप्रेसवे पर 881 संरचनाओं में से 849 पूरी हो चुकी हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा जिले के गाँव कुदरैल से शुरू होता है और चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास समाप्त होता है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष रूप से चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे कम विकसित जिलों में विकास में गति लाने के लिए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू करवाया है।

एक्सप्रेसवे चार लेन (छह लेन तक विस्तार योग्य) होने के साथ छह लेन चौड़ा इसका आकार होगा।

इसकी निर्माण लागत 7,700 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस परियोजना को छह पैकेज में बाँटा गया है। एप्को इंफ्राटेक, अशोका बिल्डकॉन, गावर कंस्ट्रक्शन और दिलीप बिल्डकॉन जैसे विकासकर्ताओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।

एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से एक तेज़ और सुचारू यातायात गलियारे से जुड़ा होगा। इस प्रकार यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर दिल्ली) से भी जुड़ा होगा।

नवंबर 2021 में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे ने लगातार 19,756 टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाकर 93 घंटे में 14.51 किलोमीटर लंबे मार्ग को पक्का करते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया था।