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नोएडा हवाई अड्डे के निर्माण में देरी पर प्रतिदिन लगेगा ₹10 लाख जुर्माना- योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा, “नोएडा अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को पूरा करने में देरी होने पर प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने कहा कि परियोजना को पूरा करने में देरी होने पर आगामी नोएडा अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकासकर्ता पर प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

मंत्री नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दो दिवसीय दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने स्थानीय परियोजनाओं के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने उपरोक्त निर्देश यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ईडा) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) के वरिष्ठ अधिकारियों को हवाई अड्डा परियोजना में शामिल अन्य सरकारी एजेंसियों के मध्य जारी किए।

1334 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले नोएडा हवाई अड्डे के पहले चरण में एक ही रनवे होगा और वार्षिक रूप से 1.20 करोड़ यात्रियों को संभालने में यह सक्षम होगा। पहला रनवे 3,900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा होगा। हवाई अड्डा शुरू का परिचालन एक रनवे से करेगा।

हवाई अड्डा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 72 किलोमीटर दूर स्थित होगा। यह नोएडा से लगभग 52 किलोमीटर, आगरा से लगभग 130 किलोमीटर और दादरी में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब से लगभग 90 किलोमीटर दूर है।

नया हवाई अड्डा एनसीआर को इंदिरा गांधी अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद दूसरी सबसे बड़ी सुविधा प्रदान करेगा। यह अतिरिक्त आईजीआई हवाई अड्डे की भीड़भाड़ को कम करने में सहायता करेगा, जिसके जल्द ही इसके अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुँचने की अपेक्षा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समय से पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, मेट्रो और अन्य महत्वपूर्ण संयोजकता परियोजनाएँ रिकॉर्ड समय में पूरी हो रही हैं।