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2017 से दंगा मुक्त है उप्र, निवेश के लिए बन गई सबकी पसंदीदा जगह- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में अपराध को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त करने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्ववर्ती सरकारों पर पुलिस सुधार में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे इस विभाग का अपने व्यक्तिगत उपकरण के रूप में उपयोग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश 5 वर्षों से दंगों और आतंकवादी गतिविधियों से मुक्त था और निवेशकों के लिए यह पसंदीदा स्थान बन गया है।

गत बसपा और सपा सरकारों में दंगों की संख्या के बारे में बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “बसपा शासन (2007-2012) में 364 दंगे हुए थे। सपा के कार्यकाल (2012-2017) के दौरान 700 से ज्यादा बड़े दंगे हुए, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।”

उन्होंने कहा, “वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ। फिर भी सरकार शांत नहीं है। हम राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर आतंकवाद निरोधी दस्ता केंद्र बना रहे हैं।”

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़ों के माध्यम से 2016-2017 में सपा सरकार की तुलना 2020-2021 में अपने शासन से करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “डकैती के मामलों में 58%, लूट में 64%, हत्या में 23%, अपहरण में 53%, दहेज हत्या के मामलों में 8% और बलात्कार के मामलों में 43% की कमी आई है।”

उन्होंने कहा, “एक बड़ा प्रदेश होने के बावजूद हमने इन मामलों को कम करने में सफलता प्राप्त की। हमने धर्मांतरण विरोधी कानून और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली कानून पेश किया। हमारे कार्यकाल के दौरान 155 खूंखार अपराधी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि अन्य 3,638 घायल हुए।”

उन्होंने कहा, “शिखर सम्मेलन में 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को पहले ही क्रियान्वित किया जा चुका है।”