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अवैध मतांतरण मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी के बाद तीन और आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एटीएस ने मतांतरण रैकेट में सम्मिलित तीन और लोगों को गिरफ्तार किया। जाँच का नेतृत्व कर रहे पुलिस महानिरीक्षक एटीएस गजेंद्र कुमार गोस्वामी ने बताया कि तीनों के नाम आरोपी मौलाना कलीम सिद्दीकी से पूछताछ में सामने आए, जो कथित तौर पर देश भर में सबसे बड़ा मतांतरण सिंडिकेट चलाता था।

उन्होंने कहा, “हमने रविवार को लखनऊ से इदरीस कुरैशी, सलीम और कुणाल अशोक उर्फ ​​आतिफ को गिरफ्तार किया।”

मौलाना कलीम को 22 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह 10 दिन की हिरासत में है। उसने खुलासा किया कि उसके द्वारा संचालित ट्रस्टों से राशि प्राप्त हुई, जो विदेशी अधिनियम का उल्लंघन है। इसमें बहरीन से अवैध रूप से 1.5 करोड़ रुपये और अन्य खाड़ी देशों से 3 करोड़ रुपये के अलावा 20 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।

आईजी ने बताया कि आतिफ मौलाना कलीम सिद्दीकी के संपर्क में तब आया, जब वह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की परीक्षा दे रहा था।

आईजी ने बताया कि आरोपी इदरीस कुरैशी ने कलीम सिद्दीकी द्वारा चलाए जा रहे जमीयतुल इमाम वलीउल्लाह अल इस्लामिया मदरसे के लिए गत 20 वर्ष से चंदा एकत्रित किया और मदरसे के संचालन में भी सक्रिय है। मदरसे को आरोपी कलीम सिद्दीकी के मतांतरण केंद्र के रूप में चलाया जाता है।

अधिकारी ने कहा, “अब तक के साक्ष्यों से पुष्टि हुई है कि सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम की आड़ में आरोपी अवैध मतांतरण का एक सिंडिकेट चला रहे थे।”

अन्य लोगों में नोएडा सांकेतिक भाषा अनुवादक इरफान शेख, मुन्ना यादव, राहुल भोला, गुजरात के व्यवसायी सलाहुद्दीन ज़ैनुद्दीन और महाराष्ट्र के डॉक्टर फ़िरोज़ शाह भी सम्मिलित हैं।

आतंकवाद विरोधी दस्ते ने जून में किंगपिन उमर गौतम, साथी मुफ्ती काज़ी जहांगीर कासमी की गिरफ्तारी के साथ अवैध मतांतरण समूह पकड़ा था। बाद में इसके नागपुर सिंडिकेट का खुलासा रामेश्वर कावरे उर्फ ​​आदम, कौसर आलम और भूरिया बंदो उर्फ ​​अर्सलान मुस्तफा की गिरफ्तारी के साथ किया था।