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उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य तेज़, 73 प्रतिशत काम हुआ पूरा

296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का 73 प्रतिशत से अधिक भौतिक कार्य पूरा हो चुका है और शेष निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है।

इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग में 96 प्रतिशत मिट्टी का काम और कुल 882 संरचनाओं में से 753 का निर्माण पूरा हो गया है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा जिले के कुदरैल गाँव से शुरू होता है और चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास समाप्त होता है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष रूप से चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे कम विकसित जिलों में विकास में तेज़ी लाने के लिए इस एक्सप्रेसवे को लिया है।

यह एक्सप्रेसवे छह लेन की चौड़ी संरचनाओं के साथ चार लेन (छह लेन तक विस्तार योग्य) का होगा। परियोजना के आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) की चौड़ाई 110 मीटर है।

एक्सप्रेसवे के एक किनारे पर 3.75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का निर्माण कंपित रूप में किया जाएगा, ताकि परियोजना क्षेत्र के आसपास के गाँवों के निवासियों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।

एक्सप्रेसवे पर कुल चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 बड़े सेतु, छह टोल प्लाज़ा, सात रैंप प्लाज़ा, 266 छोटे ब्रिज और 18 फ्लाई ओवर बनाए जाएँगे।

इसकी निर्माण लागत 7,700 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस परियोजना को छह पैकेज में बाँटा गया है। निर्माण कार्य के लिए एप्को इंफ्राटेक, अशोका बिल्डकॉन, गावर कंस्ट्रक्शन और दिलीप बिल्डकॉन जैसे डेवलपर्स के साथ अनुबंध किया गया है।

एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से एक तेज़ और सुचारू यातायात गलियारे से जोड़ा जाएगा। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ा जाएगा।