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594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने दी स्वीकृति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य कैबिनेट ने 594 किलोमीटर लंबे मेरठ से प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे को स्वीकृति दे दी है।

कैबिनेट ने सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल के तहत विकास, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) के आधार पर लागू होने वाली परियोजना के लिए आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) और आरएफक्यू (पात्रता अनुरोध) दस्तावेजों को स्वीकृति दी।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीनफील्ड 6-लेन एक्सप्रेसवे परियोजना 36,230 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाई जाएगी। यह पश्चिम यूपी में मेरठ को राज्य के पूर्वी हिस्से में प्रयागराज से जोड़ती है।

प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किमी लंबा और छह-लेन चौड़ा (आठ लेन तक विस्तार योग्य) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों (पश्चिम से पूर्व की ओर) मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुज़रेगा।

हाल ही में यूपी सरकार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये के ऋण का स्वीकृति पत्र मिला था। राज्य सरकार इस राशि का उपयोग गंगा एक्सप्रेसवे के लिए करेगी, जो पश्चिम यूपी में मेरठ को राज्य के पूर्वी हिस्से में प्रयागराज से जोड़ेगी।

प्रतिभूतिकरण प्रक्रिया के तहत 5,100 करोड़ रुपये का कर्ज आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मिलने वाले टोल से 15 साल के भीतर बैंक को चुकाया जाएगा। ऋण चुकाने की इस अवधि के दौरान एक्सप्रेसवे का स्वामित्व और संचालन यूपीईडा के पास बना रहेगा।