समाचार
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का 69% काम पूरा, शेष कार्य में तेज़ी लाएगी उत्तर प्रदेश सरकार

296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का करीब 69 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना के 818 ढाँचों में से 687 का निर्माण किया जा चुका है।

उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) के सीईओ अवनीश अवस्थी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की वर्चुअल बैठक की और अधिकारियों को इसके शेष कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के 296 किलोमीटर में से करीब 213 किमी इस फोर-लेन एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो गया है। इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष 29 फरवरी को उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में रखी थी।

एप्को इंफ्रा पैकेज 1 और 2 पर, अशोका बिल्डकॉन पैकेज 3 पर, गावर कंस्ट्रक्शन पैकेज 4 व 5 पर और दिलीप बिल्डकॉन पैकेज 6 पर काम कर रही है। चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास बनाई गई ई-वे सुविधा बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुज़रती है।

यह इटावा जिले के कुदरैल गाँव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है, जो दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड को लखनऊ-आगरा और यमुना (आगरा-नोएडा) एक्सप्रेस-वे के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ता है।

एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। डिफेंस कॉरिडोर के दो नोड झांसी और चित्रकूट बुंदेलखंड में हैं। इनके और अन्य कॉरिडोर नोड्स आगरा, लखनऊ, कानपुर और अलीगढ़ के बीच कनेक्टिविटी इसके निर्माण से बेहतर होगी।