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“संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् से रूस का निलंबन अर्थपूर्ण कदम है”- जो बाइडन

रूस को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (यूएनएचआरसी) से निलंबित करने के संयुक्त राष्ट्र महासभा के निर्णय की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रशंसा की।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जो बाइडन ने कहा, “यह अंतर-राष्ट्रीय समुदाय का एक अर्थपूर्ण कदम है, जो दर्शाता है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध ने किस तरह रूस को एक अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर परित्यक्त बना दिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “रूसी बल अपराध कर रहे हैं। अब रूस का मानवाधिकार परिषद् में कोई स्थान नहीं है। आज के ऐतिसाहिक मतदान के बाद रूस परिषद् के कार्यों में सम्मिलित नहीं हो पाएगा। ऐसे में वहाँ दुष्प्रचार नहीं कर पाएगा, जब परिषद् का जाँच आयोग रूस द्वारा यूक्रेन में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की जाँच कर रहा है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “बुचा और यूक्रेन के अन्य क्षेत्रों से मिल रहे चित्र भयानक हैं। वे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि महिलाओं, लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया गया, लोगों का उत्पीड़न हुआ और उनकी हत्या की गई। ये संकेत मानवता का अपमान हैं।”

उन्होंने कहा, “रूस के झूठ और यूक्रेन में हो रही घटनाओं के निर्विवाद साक्ष्यों के मध्य कोई मेल नहीं है। इस वजह से हर क्षेत्र के राष्ट्र यूक्रेन के विरुद्ध रूस के अकारण आक्रमण की निंदा करते हैं और स्वतंत्रता की लड़ाई में यूक्रेन के बहादुर नागरिकों का समर्थन करते हैं।”

विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, “एक गलत के साथ सही किया गया। विश्व एक और स्पष्ट संकेत दे रहा है कि रूस को यूक्रेन के विरुद्ध तत्काल व बिना किसी शर्त के युद्ध रोक देना चाहिए।”