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योगी सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 63 हिंदू परिवारों को दिए भूमि व मकान

उत्तर प्रदेश सरकार ने चार दशक लंबी प्रतीक्षा के बाद मंगलवार को पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित हुए 63 हिंदू परिवारों को घर, कृषि भूमि और आवासीय भूखंड दिए।

प्रत्येक परिवार को कृषि प्रयोजनों के लिए दो एकड़, 200 वर्ग मीटर का एक आवासीय भूखंड और कानपुर देहात जिले में एक घर दिया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे परिवारों की दुर्दशा के लिए पिछली सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया। इस अवसर उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित थे।

उन्होंने कहा, “ये सभी परिवार 1970 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान, जिसे अब बांग्लादेश कहा जाता है, से पलायन कर गए थे और उन्हें मेरठ जिले के हस्तिनापुर शहर में एक सूत मिल में नौकरी दी गई थी।”

उन्होंने कहा, “1984 में सूत मिल बंद हो गई और उनमें से कुछ का पुनर्वास किया गया, जबकि 65 परिवार उनके पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे थे। लोग उनके पास जाते थे लेकिन असंवेदनशील सरकारों ने उन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया। आपकी 38 वर्ष की लंबी प्रतीक्षा आज समाप्त हुई।”

मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार के प्रयासों के बारे में बताया, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से पलायन करने वाले अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का आदेश पारित किया तो हमने उप्र में भी ऐसे लोगों की तलाश शुरू की और परिवारों का पता लगाया।”

उन्होंने इसे मानवता के लिए भारत की सेवा का एक अभूतपूर्व उदाहरण बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “लाभ 63 परिवारों के लिए है लेकिन 400 की आबादी को इसका सीधा लाभ होने वाला है। अब तक ऐसे परिवारों को 1.08 लाख घर उपलब्ध कराए गए हैं।”