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उप्र एमएलसी चुनाव में भाजपा ने 36 में से 33 सीटें जीतीं, दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत

भाजपा ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद् चुनाव 2022 में क्लीन स्वीप किया। इसमें समाजवादी पार्टी (सपा) अपना खाता तक नहीं खोल पाई।

चूँकि, भाजपा इन चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है तो उसके पास अब उत्तर प्रदेश विधानसभा के दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, “आज उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत ने फिर स्पष्ट कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश की जनता राष्ट्रवाद, विकास और सुशासन के साथ है।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “उत्तर प्रदेश के उच्च सदन के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!”

भाजपा ने 36 में से 33 सीटों पर जीत दर्ज की। इन चुनावों में 27 एमएलसी (विधान परिषद् सदस्य) सीटों पर कुल 95 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। दिलचस्प बात है कि बसपा और कांग्रेस ने इन चुनावों में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। उनमें से 24 पर सत्तारूढ़ पार्टी को जीत मिली। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीत गए।

इन चुनावों से पहले 100 सदस्यीय परिषद् में 36 सीटें खाली थीं। इन 36 सीटों में से सत्तारूढ़ भाजपा ने पहले ही आठ स्थानीय अधिकारियों के निर्वाचन क्षेत्रों बदायूं, हरदोई, खीरी, अलीगढ़, बुलंदशहर, मथुरा-एटा-मैनपुरी, मिर्जापुर-सोनभद्र और बांदा-हमीरपुर से नौ एमएलसी सीटें जीत ली थीं।

इन चुनावों से पहले भाजपा के पास 100 सदस्यीय परिषद् में 35 एमएलसी थे और 33 नई सीटें 68 सीटों तक उनको पहुँचा देती है। इससे पार्टी को यूपी विधान परिषद् के ऊपरी सदन में पूर्ण बहुमत मिलता है।

अब सपा के पास 17, बसपा के चार और कांग्रेस, जेडी-एल, भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के पास एक-एक सदस्य हैं। दो सदस्य गैर-राजनीतिक शिक्षक समूह के सदस्य हैं और चार स्वतंत्र हैं।