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राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान हेतु ₹5,911 करोड़ स्वीकृति, योजना 2025-26 तक बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार (13 अप्रैल) को ग्रामीण स्थानीय निकायों की शासन क्षमताओं को विकसित करने हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के लिए 5,911 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय को स्वीकृति दी।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बुधवार को कहा गया कि आरजीएसए योजना उपलब्ध संसाधनों के इष्टतम उपयोग पर ध्यान देने के साथ समावेशी स्थानीय शासन के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को पूर्ण करने हेतु देश भर में पारंपरिक निकायों सहित 2.78 लाख से अधिक ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) की सहायता करेगी।

आगे विज्ञप्ति में कहा गया कि योजना का कुल वित्तीय परिव्यय, जिसे अब वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बढ़ा दिया गया है, 5,911 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र का हिस्सा 3,700 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 2,211 करोड़ रुपये है।

योजना से ग्रामीण स्थानीय निकायों के लगभग 60 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों को सीधे लाभ होगा। यह ग्राम सभाओं को नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर वर्गों के सामाजिक समावेश के साथ प्रभावी संस्थानों के रूप में कार्य करने के लिए मजबूत करेगी।

विज्ञप्ति में कहा गया कि यह पर्याप्त मानव संसाधन और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ राष्ट्रीय, राज्य व जिला स्तर पर पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) के क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत ढाँचे की स्थापना करेगा।