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जैव ईंधन नीति संशोधित, पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2025-26 तक बढ़ाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (18 मई) को पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल के मिश्रण के लक्ष्य को 5 वर्ष बढ़ाकर 2025-26 करने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए आयातित तेल पर निर्भरता को कम करने हेतु जैव ईंधन के उत्पादन के लिए अधिक फीडस्टॉक को अधिकृत किया।

बुधवार (18 मई) को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति-2018 में संशोधन को स्वीकृति दे दी।

मुख्य संशोधन 2025-26 से 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (20 प्रतिशत इथेनॉल, 80 प्रतिशत पेट्रोल) के मिश्रण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए है।

फिलहाल, पेट्रोल में करीब 10 प्रतिशत इथेनॉल का मिश्रण किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, जैव ईंधन के उत्पादनजै के लिए अधिक फीडस्टॉक की अनुमति दी गई है, जिसे ऑटो ईंधन के साथ डोपित किया जा सकता है।

संशोधन विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड)/निर्यात उन्मुख इकाइयों (ईओयू) में स्थित इकाइयों द्वारा मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत देश में जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान करता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशिष्ट मामलों में जैव ईंधन के निर्यात की अनुमति देने को भी स्वीकृति दी।

बयान में कहा गया कि जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति में संशोधन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास को भी आकर्षित करेगा व बढ़ावा देगा, जो मेक इन इंडिया अभियान का मार्ग दिखाएगा और अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा।

आगे कहा गया, “यह संशोधन प्रस्ताव मेक इन इंडिया अभियान का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे अधिक से अधिक जैव ईंधन के उत्पादन से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में कमी आएगी।”