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यूक्रेन की बिगड़ती स्थिति व वहाँ फँसे भारतीयों को लेकर भारत ने यूएन में चिंता व्यक्त की

भारत ने कहा कि वह यूक्रेन को लेकर बेहद चिंतित है क्योंकि वहाँ स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। साथ ही भारत ने रूस-यूक्रेन के मध्य जारी युद्ध का सामाधान वार्ता से निकालने पर पुनः बल दिया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने सोमवार (28 फरवरी) को यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक दुर्लभ आपातकालीन विशेष सत्र में कहा, “नई दिल्ली अब भी यूक्रेन में फँसे भारतीय नागरिकों की तत्काल निकासी के प्रयास करने के लिए जो कुछ भी कर सकती है, वह कर रही है।”

उन्होंने कहा, “इस विवाद का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालना चाहिए। इसको लेकर भारत का यही रुख है। हमारी सरकार का मानना है कि संकट को दूर करने के लिए कूटनीति के रास्ते को छोड़ कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”

टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, “मैं यूक्रेन के पड़ोसी उन सभी देशों को धन्यवाद देना चाहूँगा, जिन्होंने हमारे नागरिकों के लिए अपने देश की सीमा खोली और जिन्होंने हमारे अभियान व दूतावास के कर्मियों को सभी सुविधाएँ दी हैं।”

उन्होंने कहा, “युद्धग्रस्त देश में एक तत्काल और दबाव वाली मानवीय स्थिति विकसित हो रही है। संघर्ष के ऐसे समय में भारत नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों व वृद्धों की सुरक्षा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। हमारा विचार है कि मानवीय सहायता के मूल सिद्धांतों का पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए।”

भारतीय अधिकारी ने कहा, “यूक्रेन में मानवीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत ने दवाओं सहित तत्काल राहत आपूर्ति प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। इन्हें जल्द भेजे जाने की उम्मीद है।”

“हम अपने पड़ोसियों और विकासशील देशों के उन लोगों की मदद के लिए तैयार हैं, जो यूक्रेन में फँसे हैं और सहायता मांग सकते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के सभी मानवीय प्रयासों का भी समर्थन करते हैं।”