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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के अप्रैल के अंत में भारत आने की संभावना

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस माह के अंत में भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यात्रा के दौरान भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता वार्ता की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।

यह यात्रा 22 अप्रैल के आसपास होने की अपेक्षा है। इससे पूर्व, कोविड-19 महामारी की वजह से बोरिस जॉनसन को भारत की नियोजित यात्राओं को रद्द करने के लिए विवश होना पड़ा था।

हालाँकि, डाउनिंग स्ट्रीट ने अब तक किसी भी विवरण की पुष्टि नहीं की है। गत माह जॉनसन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य फोन पर वार्ता के दौरान एक व्यक्तिगत बैठक पर चर्चा की गई थी।

डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, “दोनों नेताओं ने भारत और यूके के मजबूत और समृद्ध संबंधों का स्वागत किया और आने वाले सप्ताहों व महीनों में व्यापार, सुरक्षा व व्यावसायिक संबंधों को जारी रखने के लिए सहमत हुए। वे शीघ्र व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उत्सुक थे।”

पीटीआई को डाउनिंग स्ट्रीट के सूत्रों ने गत सप्ताह बताया था कि जॉनसन अपने भारतीय समकक्ष मोदी के साथ वार्ता के लिए भारत आने को बहुत उत्सुक थे। हालाँकि, अभी इसकी पूरी तरह से ठोस योजना तैयार नहीं की गई है।

दोनों नेताओं ने आखिरी बार गत वर्ष नवंबर में ग्लासगो में कॉप26 जलवायु शिखर सम्मेलन के मौके पर व्यक्तिगत रूप से भेंट की थी। उस समय विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी द्विपक्षीय वार्ता भारत-यूके जलवायु साझेदारी के साथ 2030 रोडमैप की समीक्षा पर केंद्रित थी। उस पर उन्होंने मई 2021 में एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए थे।

यूक्रेन में संघर्ष और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शासन के विरुद्ध कड़े प्रतिबंध लगाने में यूके की प्रमुख भूमिका भी जॉनसन और मोदी के मध्य वार्ता के दौरान दृढ़ता से प्रदर्शित होने की संभावना है।