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“सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट से 2-3 करोड़ रोजगार के अवसर बनेंगे”- दूरसंचार विभाग

दूरसंचार विभाग (डॉट) के सचिव के राजारमन ने बताया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के लिए रोजगार में वृद्धि होगी क्योंकि वे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट के तेज़ी से विकास के माध्यम से आय का एक अतिरिक्त स्रोत प्राप्त करेंगे।

इसके अतिरिक्त, इंटरनेट और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को भी सार्वजनिक डाटा कार्यालयों को इंटरनेट रिचार्ज वाउचर बेचने से लाभ होता है।

तीसरे वाई-फाई इंडिया वर्चुअल समिट 2022 को संबोधित करते हुए राजारामन ने कहा कि पीएम-वाणी योजना के अंतर्गत 56,000 से अधिक एक्सेस पॉइंट बनाए गए हैं लेकिन फिर भी यह सुनिश्चित किया कि देश में वाई-फाई पारिस्थितिकी तंत्र को काफी हद तक विकसित करने की संभावना है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में राजारमन के हवाले से कहा गया, “प्रत्येक हॉटस्पॉट के पुराने अनुमान से 2-3 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उतपन्न होते हैं। 2022 तक एनडीसीपी (राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति) के लक्ष्य के अनुसार, एक करोड़ हॉटस्पॉट का निर्माण संभावित रूप से छोटे और मध्यम स्तर के क्षेत्रों में 2 से 3 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करेगा।”

पीएम-वाणी पहल के अंतर्गत सरकार सार्वजनिक डाटा कार्यालयों (पीडीओ) के माध्यम से वाई-फाई नेटवर्क स्थापित करती है और उस पर कोई लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य शुल्क नहीं लगाया जाता है।

पीडीओ उपयोगकर्ताओं को एक विशिष्ट सत्र के लिए सार्वजनिक वाई-फाई व्यवस्था से जुड़ने की अनुमति देता है लेकिन यह उपयोगकर्ता के चुने हुए इंटरनेट पैक पर भी निर्भर करता है।