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शीर्ष भारतीय रिफाइनर रूसी तेल आयात हेतु 6 माह के सौदे पर कर रहे हैं वार्ता

भारतीय रिफाइनर मासिक आधार पर रूस से लाखों बैरल तेल आयात करना चाहते हैं और इस तरह मास्को के साथ 6 माह के समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।

रॉयटर्स को सूत्रों ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) संभावित सौदे पर रूस के रोसनेफ्ट के साथ वार्ता कर रहे हैं।

आईओसी प्रति माह लगभग 60 लाख बैरल तेल आयात करने के साथ अतिरिक्त 30 लाख बैरल खरीदने के विकल्प के साथ एक समझौता कर रही है।

इसी प्रकार एचपीसीएल और बीपीसीएल क्रमश: 30 और 40 लाख बैरल के मासिक आयात का लक्ष्य बना रहे हैं।

रोसनेफ्ट संभवतः गैर-स्वीकृत बिचौलियों और व्यापारिक कंपनियों के माध्यम से आपूर्ति कर सकता है। इस बीच, इन सौदों की अवधि और मात्रा रोसनेफ्ट द्वारा शुरू की गई छूट के आधार पर परिवर्तन के अधीन होगी।

रॉयटर्स के अनुसार, जिस तरह पूरे 2021 में किया गया था, उसी तरह फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से नई दिल्ली ने रूस से दोगुने से अधिक कच्चे तेल की खरीद की है।

केंद्र सरकार ने कथित तौर पर कुछ सरकारी ऊर्जा कंपनियों को लंदन स्थित बीपी की रोसनेफ्ट में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार करने के लिए भी कहा है।