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शीर्ष हिंदू आध्यात्मिक संगठन ने अमेरिका में अनुसंधान संस्थान आरंभ किया

संस्कृत भाषा और पारंपरिक भारतीय ज्ञान में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए एक शीर्ष हिंदू आध्यात्मिक संगठन ने अमेरिका में अपनी तरह का पहला शोध संस्थान शुरू किया।

एक मीडिया विज्ञप्ति में बताया गया कि न्यू जर्सी में बीएपीएस स्वामीनारायण अनुसंधान संस्थान का औपचारिक रूप से उद्घाटन महंत स्वामी महाराज ने किया, जो अहमदाबाद से वर्चुअली समारोह में सम्मिलित हुए। संस्थान का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।

विज्ञप्ति में कहा गया, “न्यू जर्सी के रॉबिंसविले में स्थित संस्थान संस्कृत, वैदिक व शास्त्रीय साहित्य के साथ हिंदू मान्यताओं, मूल्यों और प्रथाओं के अपने कठोर शिक्षण के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक संवाद, सार्वजनिक जुड़ाव और अकादमिक प्रवचन को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।”

महंत स्वामी महाराज ने अपने भाषण में कहा, “योगीजी महाराज ने ऐसे ही संस्थान की कल्पना की थी और वे युवाओं को संस्कृत सिखाने और प्रवचन देने के लिए उत्साहित रहते थे। शोध संस्थान ने इस दृष्टिकोण को पूरा किया है। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में उत्कृष्टता प्राप्त करें और दुनिया भर में एकता के दायरे का विस्तार करते हुए समाज की सेवा करने के लिए मिलकर काम करें। इसके लिए वे ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ बढ़ें, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक परिवार है, आइए वैश्विक सद्भाव के दायरे का विस्तार करने के लिए पहुँचें।”

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता महामहोपाध्याय पूज्य भद्रेशदास स्वामी ने की, जो हिंदू दर्शन और संस्कृत के दुनिया के अग्रणी विद्वानों में से एक हैं और संस्कृत टिप्पणी और दार्शनिक ग्रंथों के लेखक हैं।