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झारखंड- खदान दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 5 हुई, कई और के फँसे होने की आशंका

झारखंड के धनबाद जिले में खदान ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर पाँच हो गई। पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि एक और शव बरामद किया गया। कई लोगों के अब भी अंदर फँसे होने की आशंका है।

पुलिस ने कहा कि सरकार ने स्थानीय लोगों द्वारा अवैध खनन के दौरान निरसा थाना क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की गोपीनाथपुर की खतरे वाली खदानों में दुर्घटना की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया, जिसका नेतृत्व  पुलिस अधीक्षक (धनबाद-ग्रामीण) रेशमा रमेशन करेंगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (धनबाद) संजीव कुमार ने कहा कि अधिकारियों को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की ईसीएल और चाच विक्टोरिया परियोजना की कापसरा खदानों में किसी भी तरह के ढहने के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

अधिकारियों ने कहा कि घटना केवल ईसीएल की गोपीनाथपुर खदान में हुई, जहाँ मलबे से पाँच शव बरामद किए गए। इनमें चार महिलाओं और एक पुरुष है। गत चार वर्षों में निरसा में ईसीएल की खदानों में अवैध खनन के दौरान हुए हादसों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है।

एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन ने खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) से पीएसयू कोल इंडिया की सहायक कंपनी ईसीएल की खान सुरक्षा परीक्षण रिपोर्ट मांगी है।

ईसीएल के एक अधिकारी ने अवैध खनन को लेकर अज्ञात लोगों के विरुद्ध निरसा थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। खतरे वाली खदानों में अनधिकृत प्रवेश प्रतिबंधित है और प्रशासन से सुरक्षा मांगी गई है।

भाजपा की निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने मांग की कि जान गंवाने वाले ईसीएल अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में इस तरह की घटनाएँ बढ़ी हैं।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग की।