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सुमित अंतिल ने भारत को दिलाया दूसरा स्वर्ण, भाला फेंक एफ-64 स्पर्धा में रचा इतिहास

सुमित अंतिल ने सोमवार (30 अगस्त) को टोक्यो पैरालंपिक खेलों में पुरुषों की भाला फेंक एफ-64 स्पर्धा के फाइनल में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का गौरव हासिल करवाया। उन्होंने अपने पाँच प्रयासों में तीन बार स्वयं के ही विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अंत में गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया और इतिहास रच दिया।

नवंबर 2019 में निर्धारित किए गए 62.88 मीटर के अपने पुराने निशान में सुधार करते हुए सुमित अंतिल ने भाला 68.55 मीटर तक फेंका। उनके थ्रो की शृंखला 66.95, 68.08, 65.27, 66.71, 68.55 मीटर और फाउल रही थी।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के माइकल ब्यूरियन ने 66.29 मीटर के साथ रजत पदक जीता, जबकि श्रीलंका के दुलन कोडिथुवाक्कू ने 65.61 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। अंतिल और ब्यूरियन दोनों ने पुराने विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा, जबकि श्रीलंकाई खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

इससे पूर्व, अवनि लेखरा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था। 19 वर्षीय शूटर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, देवेंद्र झाझरिया ने भाला फेंक एफ-46 और योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो टी-56 स्पर्धा में रजत पदक जीते। सुंदर सिंह गुर्जर ने भाला फेंक एफ-46 में कांस्य पदक जीता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथलीटों को बधाई देते हुए कहा, “पैरालंपिक खेलों में हमारे एथलीट चमक रहे हैं। सबने अपनी कड़ी मेहनत की वजह से पदक जीता है। सुमित अंतिल के कीर्तिमान बनाने वाले प्रदर्शन पर देश को गर्व है।” प्रधानमंत्री मोदी ने सुमित सहित अवनि लेखरा, देवेंद्र झाझरिया, योगेश कथुनिया, सुंदर सिंह गुर्जर को भविष्य को लेकर शुभकामनाएँ दीं।