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नौसेना की लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने हेतु 3 विमानवाहक पोत आवश्यक- संसदीय समिति

संसदीय स्थायी समिति ने रक्षा पर दृढ़ता से सिफारिश की कि भारतीय नौसेना के पास तीन विमान वाहक होने चाहिए। साथ ही सुझाव दिया कि भविष्य की अधिग्रहण योजनाओं में लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर विचार करना चाहिए।

संसद में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में समिति की राय है कि दोनों तटों के लिए एक-एक वाहक की आवश्यकता है, जबकि तीसरे जहाज को परिचालन संबंधी कमियों को पूरा करने की आवश्यकता होगी क्योंकि बड़े युद्धपोतों पर मरम्मत कार्य एक लंबी प्रक्रिया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने रिपोर्ट में सिफारिश की, “भारतीय प्रायद्वीप के दोनों किनारों पर लंबी तटरेखा और शत्रुतापूर्ण प्रतिकूलताओं को ध्यान में रखते हुए परिचालन आवश्यकताओं को बनाए रखने हेतु तट के दोनों किनारों पर एक विमानवाहक पोत सर्वोत्कृष्ट है।”

आगे कहा गया, “हालाँकि, एक विमान वाहक जैसे विशाल पोत के मरम्मत कार्य में काफी लंबा समय लगता है। इस वजह से उत्पन्न होने वाली परिचालन संबंधी कमियों को दूर करने हेतु किसी भी घटना को पूरा करने के लिए तीन विमान वाहक की बहुत आवश्यकता है।”

रिपोर्ट में कहा गया है, “समिति ने अपने विचार को दोहराया कि तीन विमानवाहक पोत होने से नौसेना की लड़ाकू क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी।”