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तमिलनाडु के विभाजन का कोई प्रस्ताव एवं योजना नहीं- लोकसभा में केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में मंगलवार (3 जुलाई) को तमिलनाडु राज्य के विभाजन को लेकर सारी अटकलों को समाप्त कर दिया। नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि राज्य का विभाजन करके कोंगु नाडु बनाने के संबंध में न कोई प्रस्ताव है और न ही कोई योजना है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, संसद में डीएमके के सांसद और इंधिया जनानायगा काची (आईजेके) के सांसद पारीवेंदर ने केंद्र सरकार से पूछा कि यदि विभाजन होना है तो वह बताएँ कि इसके पीछे का कारण और उद्देश्य क्या हैं।

इस पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा, “समय-समय पर कई लोगों और संगठनों की ओर से विभाजन की मांग उठती रही है। नए राज्य के निर्माण से बड़ा प्रभाव पड़ता है और देश के संघीय ढाँचे को इसे वहन करना पड़ता है। सरकार सभी आवश्यक तथ्यों को परखने के बाद ही इस पर विचार करती है। अभी इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है।”

बता दें कि तमिलनाडु के विभाजन को लेकर चर्चा तब होने लगी, जब राज्य के पूर्व भाजपा अध्यक्ष एल मुरुगन को केंद्रीय मंत्रिमंडल में सम्मिलित किया गया था। 10 जून को स्थानीय भाषा के एक हिंदी दैनिक ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि केंद्र सरकार राज्य की द्रमुक सरकार को जवाब देने के लिए विभाजन पर विचार कर रही है।