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उरी सेक्टर से गिरफ्तार आतंकी बाबर का खुलासा- “पाकिस्तानी सेना ने किया था प्रशिक्षित”

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर से गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अली बाबर पात्रा ने स्वीकार किया है कि उसे पाकिस्तान की सेना ने प्रशिक्षण दिया था। उसकी कारखाने में काम करने के दौरान आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी से भेंट हुई थी। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने के लिए आईएसआई ने उसे 20,000 रुपये दिए थे।

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी बाबर ने बताया, “लश्कर अनाथ और गरीबों को जिहाद के लिए तैयार करता है। हमें बोला गया था कि कश्मीरियों को प्रताड़ित किया जाता है लेकिन यहाँ तो सभी खुश दिखे। मैं पाकिस्तानी सेना और आईएसआई से गुजारिश करता हूँ कि मुझे वापस बुला लें। भारतीय सेना ने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया है।”

बता दें कि मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने मंगलवार (29 सितंबर) को प्रेसवार्ता कर बताया था कि उरी सेक्टर से गिरफ्तार आतंकी बाबर की आयु 19 वर्ष है, जो पाकिस्तान से करीब तीन माह का आतंकी प्रशिक्षण लेकर आया था। आतंकियों की घुसपैठ का उद्देश्य 2016 में उरी जैसे बड़े हमले को करना था।

उन्होंने बताया था कि आतंकियों के विरुद्ध नौ दिन का अभियान चलाया गया था। 18 सितंबर को जब एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश शुरू हुई थी, तब इस अभियान को शुरू किया गया था। कुल छह आतंकी थे, जिनमें से चार वापस पाकिस्तान भाग गए थे। एक आतंकी 26 सितंबर को मारा गया था, जबकि दूसरा आतंकी बाबर आत्मसमर्पण करने के लिए कहने लगा था।