समाचार
“दूरसंचार क्षेत्र में 3+1 संरचना बनाए रखने हेतु सरकार का समर्थन ज़रूरी”- सुनील मित्तल

दूरसंचार की बड़ी कंपनी भारती एयरटेल के अध्यक्ष सुनील मित्तल ने अपेक्षा जताई है कि सरकार और नियामक यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएँगे कि यह क्षेत्र वर्तमान तीन प्लस एक की संरचना को बनाए रखे।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सुनील मित्तल ने कहा, “इससे सुनिश्चित होगा कि यह क्षेत्र निरंतर निवेश के लिए एक व्यवहार्य स्थान बना रहे। साथ ही यह भी कहा कि इस उद्योग को अपनी वर्तमान तीन प्लस एक की संरचना को बनाए रखने के लिए लंबे विलंबित समर्थन की आवश्यकता है।”

तीन प्लस एक संरचना उस निर्माण की ओर संकेत देती है, जिसमें तीन निजी क्षेत्र की कंपनियाँ (रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया) और एक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी (बीएसएनएल) है।

मित्तल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वोडाफोन आइडिया को स्वयं को बचाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

हाल ही में अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला ने भी कंपनी के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए दूरसंचार की इस बड़ी कंपनी में आदित्य बिड़ला समूह की हिस्सेदारी सरकार को सौंपने की पेशकश की थी। कुछ दिन पहले ही उन्होंने कंपनी के अध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया था।

वोडाफोन आइडिया पर 58,254 करोड़ रुपये की एजीआर बकाया था, जिसमें से उसने 7,854.3 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है और 50,399.6 करोड़ रुपये बकाया है। लीज़ देनदारियों को छोड़कर वीआईएल का सकल ऋण 31 मार्च 2021 तक 1,80,310 करोड़ रुपये था।