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दूरसंचार क्षेत्र में इन नौ संरचनात्मक सुधारों से मिलेगी सेवा प्रदाताओं को राहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में दूरसंचार क्षेत्र के लिए निम्न नौ संरचनात्मक सुधारों का निर्णय लिया गया जिसकी घोषणा केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार (15 सितंबर) को की-

  1. समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का युक्तिकरण- गैर-दूरसंचार राजस्व को समायोजित सकल राजस्व की परिभाषा से भावी आधार पर बाहर रखा जाएगा।
  2. बैंक गारंटी का युक्तिकरण- लाइसेंस शुल्क और अन्य समान करारोपण के एवज में बैंक गारंटी आवश्यकताओं में भारी कमी की गई है। बैंक गारंटी को अब केंद्रीकृत तरीके से देना होगा। देश में विभिन्न लाइसेंस सेवा क्षेत्रों में अनेक बैंक गारंटी की अब कोई आवश्यकता नहीं है।
  3. ब्याज दरों का युक्तिकरण/दंडमुक्ति- 1 अक्टूबर 2021 से लाइसेंस शुल्क/स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के विलंबित भुगतान पर ब्याज दर एसबीआई एमसीएलआर+4 प्रतिशत की बजाय एमसीएलआर+2 प्रतिशत होगी; ब्याज को मासिक के बजाय सालाना संयोजित किया जाएगा तथा जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज हटा दिया जाएगा ।
  4. अब से आयोजित नीलामी में किश्त भुगतान को सुरक्षित करने के लिए किसी बैंक गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी।
  5. स्पेक्ट्रम अवधि- भविष्य की नीलामी में स्पेक्ट्रम की अवधि 20 से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई है।
  6. भविष्य में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए 10 वर्षों के बाद स्पेक्ट्रम के अभ्यर्पण की अनुमति दी जाएगी।
  7. भविष्य की नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए कोई स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क नहीं होगा।
  8. स्पेक्ट्रम साझेदारी को प्रोत्साहित करने के लिए 0.5 प्रतिशत का अतिरिक्त स्पेक्ट्रम शुल्क हटाया गया है।
  9. निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए दूरसंचार क्षेत्र में स्वत: मार्ग के तहत 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी गई है।