समाचार
असम में चाय बागानों को स्वतंत्रता के बाद पहली बार हाईस्कूल मिले, 96 विद्यालय स्थापित

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को असम के सोनितपुर जिले के विभिन्न चाय बागानों में छह आदर्श विद्यालयों (मॉडल विद्यालय) का उद्घाटन किया।

स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर है, जब असम के चाय बागानों को हाईस्कूल मिले हैं।

शिक्षा की पहुँच पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “14,594 विद्यार्थियों ने अब तक असम के 96 चाय बागान क्षेत्रों में नए आरंभ किए गए आदर्श विद्यालयों में प्रवेश लिया है।”

चाय बागान क्षेत्रों में 119 मॉडल विद्यालय स्थापित करने के ऐतिहासिक निर्णय के रूप में सरमा ने नाहरानी टी-एस्टेट, फूलबाड़ी और सोनितपुर में ठाकुरबाड़ी चाय बागानों में आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन किया। सरमा के अनुसार, चाय बागानों में 96 ऐसे मॉडल विद्यालय पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।

इन विद्यालयों का नाम विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर रखा जाएगा जैसे स्वाहिद मांगरी ओरंग, लोकनायक ओमियो कुमार दास और स्वाहिद हेमलाल कालिंदी। उन्होंने कहा, “ये स्कूल शिक्षा को बढ़ावा देंगे और चाय समुदाय के समग्र विकास को सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “हाईस्कूल के रूप में शुरू आदर्श विद्यालय अगले वर्ष एचएस पाठ्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक विद्यालय में आठ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, लगभग 15,000 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है। अगले वर्ष से ये आदर्श विद्यालय अंग्रेजी में गणित और विज्ञान के पाठ प्रदान करेंगे, जबकि सामाजिक विज्ञान और असमिया को असमिया में पढ़ाया जाएगा। इससे छात्रों को अपनी मातृ भाषा सीखने और उन्हें दुनिया का जानकारी लेने में भी में सहायता मिलेगी।”

मुख्यमंत्री सरमा ने इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, पोशाक, मिड-डे मील आदि उपलब्ध करवाने के लिए एक लाख रुपये की सहायता का वादा करते हुए चाय बागान के अभिभावकों-माता-पिता से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए भेजें।