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एयर इंडिया फिर लौटा टाटा समूह के पास, सबसे अधिक मूल्य की बोली से मिली जीत

टाटा संस ने बिक्री प्रक्रिया में सबसे अधिक मूल्य लगाकर एयर इंडिया पर अपना नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। इसको खरीदने के लिए टाटा समूह और स्पाइसजेट के अजय सिंह ने बोली लगाई थी, जिसमें टाटा ने बाज़ी मार ली। अभी इसकी औपचारिक घोषणा होनी शेष है।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया की बिक्री के लिए लगाई गई दोनों बोलियों में सरकार ने टाटा समूह को चुना है। पूर्व में ही इसके लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय बोलियाँ आमंत्रित की थीं।

इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार एयरलाइन के निजीकरण का लक्ष्य लेकर चल रही है। ये सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा भी है। सरकार एयर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की अपनी 100 प्रतिशत भागीदारी, जबकि ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी एआईएसएटीएस की 50 प्रतिशत भागीदारी बेचेगी।

इससे पूर्व 2018 में भी सरकार ने एयर इंडिया में 76 प्रतिशत भागीदारी बेचने का प्रयास किया था लेकिन तब उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। बता दें कि 1932 में टाटा समूह के जेआरटी टाटा ने ही इस एयरलाइन की शुरुआत की थी। वे खुद भी एक कुशल पायलट थे।