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“विदेशी भोजन जैसे शवरमा खाने से बचें और देशी व्यंजन चुनें”- तमिलनाडु स्वास्थ्य मंत्री

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने लोगों से अपील की कि वे शवरमा खाने के बाद कुछ लोगों द्वारा अनुभव की गई प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की खबरों के मद्देनजर इसे खाने से बचें। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे इसकी बजाए देशी व्यंजन चुनें।

शवरमा बेचने वाले भोजनालयों में राज्य भर में निरीक्षण चल रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि मांस को फ्रीजिंग शर्तों के अनुसार ठीक से रखा जाता है। इससे सुनिश्चित हो सके कि यह खराब ना हो और लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले।

उन्होंने कहा, “अब तक पूरे तमिलनाडु में ऐसी 1,000 से अधिक दुकानों का निरीक्षण किया जा चुका है। जिनमें इस तरह के खाद्य पदार्थों के भंडारण और बेचने की बुनियादी सुविधाएँ नहीं हैं, उन्हें बंद करने का आदेश दिया गया है।”

इस संबंध में भोजनालयों को एक एडवाइजरी जारी की गई और जहाँ कहीं आवश्यक है, जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा, “शवरमा की दुकानों पर यह अभियान पूरे तमिलनाडु में जारी रहेगा।” यह कदम कासरगोड जिले में एक भोजनालय में शवरमा खाने के बाद 16 वर्षीय किशोर की मृत्यु  के बाद उठाया गया।

इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु के तंजावुर में एक पशु चिकित्सा कॉलेज के तीन विद्यार्थियों ने एक स्थानीय रेस्त्रां में शावरमा खाने के बाद उल्टी की और बाद में बेहोश हो गए। तीनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

सुब्रमण्यम ने यह रेखांकित करते हुए कहा कि शवरमा तमिलनाडु और देश के कुछ अन्य हिस्सों में जलवायु परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है।

उन्होंने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ”हमारी लोगों से एक अपील है। हमारे लिए बहुत सारे देशी भोजन के विकल्प हैं। इनको चुनने की बजाय लोगों को विदेशी मूल के खाद्य पदार्थों जैसे शवरमा या इसी तरह के किसी अन्य नए विदेशी भोजन को चुनकर अपना स्वास्थ्य खराब नहीं करना चाहिए।”