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तालिबान ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने की इच्छा जताई- रिपोर्ट

तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अफगानिस्तान के पिछले राजदूत पर सवाल उठाए और इसकी बजाय वह अंतरराष्ट्रीय निकाय की आम सभा को संबोधित भी करना चाहता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को 15 सितंबर को मान्यता प्राप्त अफगान राजदूत गुलाम इसकज़इ से संगठन की 76वीं महासभा के लिए अफगान प्रतिनिधिमंडल की एक सूची मिली थी।

हालाँकि, पाँच दिन उपरांत देश के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी द्वारा हस्ताक्षरित अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात विदेश मामलों के मंत्रालय के लेटरहेड पर एक पत्र लिखकर गुटेरेस को भेजा गया था। इसमें तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र से उसे सभा में भाग लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

मुत्ताकी ने कहा कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को 15 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। विश्व अब उन्हें राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं देती है। उन्होंने बल देकर कहा कि राजदूत इसकज़इ अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

तालिबान ने साफ कर दिया कि वह मोहम्मद सुहैल शाहीन को संयुक्त राष्ट्र के नए स्थायी प्रतिनिधि के रूप में नामित कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की साख समिति को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने में कुछ समय लगेगा।

हालाँकि, कुछ सुझावों से संकेत मिलता है कि तालिबान को कम से कम इस सप्ताह के महासभा के सत्र में अपना प्रतिनिधित्व करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अफगानिस्तान 27 सितंबर को निर्धारित उच्च स्तरीय बैठक के अंतिम दिन अंतिम भाषण देगा।