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अनस हक्कानी ने महमूद गज़नवी के सोमनाथ मंदिर की मूर्ति तोड़ने को बताया गर्व की बात

तालिबान के शीर्ष नेता अनस हक्कानी ने महमूद गज़नवी और सोमनाथ मंदिर की मूर्ति तोड़ने के उनके कृत्य का महिमामंडन करते हुए कहा कि उनके शासनकाल ने तालिबान में गर्व और साहस का संचार किया था।

अनस हक्कानी ने मंगलवार को सुल्तान महमूद गज़नवी की दरगाह का दौरा किया। ट्विटर पर उन्होंने गज़नवी का महिमामंडन किया, जिन्होंने अतीत में सोमनाथ की मूर्ति को तोड़ा था। ट्वीट ने अपनी भड़काऊ बातों के लिए सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया।

अनस हक्कानी ने एक ट्वीट में कहा, “आज हमने 10वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध मुस्लिम योद्धा और मुजाहिद सुल्तान महमूद गज़नवी की दरगाह का दौरा किया। गज़नवी (अल्लाह की दया उस पर हो) ने गज़नी से क्षेत्र में एक मजबूत मुस्लिम शासन स्थापित किया और सोमनाथ की मूर्ति को तोड़ा।”

महमूद गज़नवी ने भारत पर 17 बार हमला किया और गुजरात में सोमनाथ मंदिर को नष्ट कर दिया था। कहा जाता है कि सोमनाथ पर अपने आक्रमण के दौरान महमूद गज़नवी ने ज्योतिर्लिंग को तोड़ा और हजारों भक्तों को मार डाला, जो मंदिर की रक्षा करने की कोशिश कर रहे थे।

समकालीन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के पहले गृह मंत्री वल्लभभाई पटेल के आदेश के तहत शुरू किया गया था और उनकी मृत्यु के बाद मई 1951 में पूरा हुआ था।

भाजपा नेता कपिल शर्मा और कई अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने हक्कानी को याद दिलाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया कि सोमनाथ आज भी ऊँचा खड़ा है, जबकि गज़नवी के शहर नष्ट हो रहे हैं।